पिचम धरा सू म्हारा पीरजी पधारिया भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
कहे संत संग्राम से हीरा हाथ में आया।
पड़ी नहीं पहचान गाल गोपन में भाया।।

पिछम धरा सु मारो ,
आलम राजा आवे वो।
धोळी धजा खरकावे ,
रामा धनिया जी हो।

गणी गणी खम्मा मारा ,
इंदु पथ राजा ने।
खर्चो कीदो दुनिया माई ,
बाबा रामदेव जी वो।

पहलो पहलो पर्चो ,
माता मेणादे ने दिदो रामा।
उफनता दूध दबाया ,
रामा धनिया जी हो।
पिछम धरा सु। …..

दूजोडो पर्चो पिता ,
अजमल जी ने दिदो रामा।
कंकु रा पगलिया मंडाया ,
रामा धनिया जी हो।
पिछम धरा सु। …..

तीजोड़ो पर्चो लाखो ,
बिणजारा ने दिदो रामा।
मिश्री रा लूण बनाया ,
रामा धनिया जी हो।
पिछम धरा सु। …..

चोथोड़ो पर्चो बाणिया ,
मोहिता ने दिदो रामा।
समंदा मु जहाज तिराई ,
रामा धनिया जी हो।
पिछम धरा सु। …..

पांचवो पर्चो साधु ,
पीरा ने दिदो रामा ।
मक्का सु कटोरा मंगाया ,
रामा धनिया जी हो।
पिछम धरा सु। …..

हरी का चरना में ,
भाटी अरज बोले रामा।
सुख दुःख सरना राखो ,
रामा धनिया जी हो।
पिछम धरा सु। …..

पिचम धरा सू म्हारा पीरजी पधारिया भजन लिरिक्स picham dhara su mhara pirji padhariya baba ramdev ji bhajan Lyrics

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