फकीरी मे मजा जिसको अमीरी क्या वीचारी भजन | fakiri me maja jisko bhajan lyrics

। दोहा ।।
सोना सजन साधुजन – ओर टूटा जुड़े सोबार
दुर्जन कुम्भ कुमार का – तो एक धकें मे दरार।

फकीरी मे मजा जिसको ,
अमीरी क्या वीचारी है। २

तेजे सब काम दुनिया के ,
फीकर घर बार के छुटे।
सदा एकान्त मे वासा ,
याद प्रभु की पीयारी है।
फकीरी मे। ….

नहीं नो कर कीसी जन का ,
ना दी मे लालसा धन की।
सबुरी धार कर दील ,
फिरे जंगल बीहारी है।
फकीरी मे। ….

मिला सत्संग संतन का ,
चले नीत ज्ञान की चर्चा ।
रीजाना रुप अपने का ,
प्रेम सब दुर दारी हे।
फकीरी मे। ….

सभी जग जीव से प्रीती ,
बराबर मान अपमाना ।
वो प्रमा नन्द पुरण मे ,
मगन दीन रेण सारी है।
फकीरी मे। ….

फकीरी भजन राजस्थानी | desi marwadi bhajan video

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भजन :- फकीरी मे मजा जिसको
गायक :- सुनील चांवरिया

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