बड़ी दूर से आए है भागवत अमृत लाए है भजन लिरिक्स

बड़ी दूर से आए है,
भागवत अमृत लाए है,
अपना लो या ठुकरा दो,
श्रद्धा के फूल लाए है,
बड़ी दुर से आए है,
भागवत अमृत लाए है।।

तेरे दर पर जो आता है,
बिन मांगे पाता है,
माँ बेटे का,,ये कैसा नाता है,
हम भटकते हम भटकते,
हम भटकते बच्चे तेरे है,
भागवत अमृत लाए है,
बड़ी दुर से आए है,
भागवत अमृत लाए है।।

मेरा दर्द तू सुन ले श्याम,
है अपना ना पराया,
तेरे सिवा मेरा,,है कौन मेरा प्यारा,
हम बिलखते हम रोते,
हम बिलखते बच्चे तेरे है,
भागवत अमृत लाए है,
बड़ी दुर से आए है,
भागवत अमृत लाए है।।

ना स्वर है ना सरगम है,
ना लय ना कोई तराना,
जो चाहे हो,,
मैं श्याम का दीवाना,
मोहित मन की, मोहित मन की,
‘मोहित’ मन की मुरादे पाते है,
भागवत अमृत लाए है,
बड़ी दुर से आए है,
भागवत अमृत लाए है।।

बड़ी दूर से आए है,
भागवत अमृत लाए है,
अपना लो या ठुकरा दो,
श्रद्धा के फूल लाए है,
बड़ी दुर से आए है,
भागवत अमृत लाए है।।

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