बाबा श्याम दूजो काम मैं तो कोन्या जाणु जी भजन लिरिक्स

बाबा श्याम दूजो काम,
मैं तो कोन्या जाणु जी,
थाने ही मैं जाणु बाबा,
थाने ही पहचानू जी,
बाबा श्याम दूजो काम।।

भजन मैं गाउँ थारा,
दुनिया में डोलू हूँ,
मेरा तो रुखाला थे हो,
चौड़े धाड़े बोलू हूँ,
गाड़ली थे हाँको म्हारी,
मैं तो या ही मानु जी,
थाने ही मैं जाणु बाबा,
थाने ही पहचानू जी,
बाबा श्याम दूजो काम।।

काम धंधो ना ही कोई,
ना ही कारोबार है,
थारी ही दया सू चाले,
मेरो परिवार है,
थारो दर छोड़ बाबा,
खाक कोन्या छानु जी,
थाने ही मैं जाणु बाबा,
थाने ही पहचानू जी,
बाबा श्याम दूजो काम।।

खर्चो थे भेज देवो,
भूखो ना कदे रहूं,
थारे से छिपाऊँ कोन्या,
दुनिया सू ना कहूँ,
थारे होता चिंता क्या की,
‘हर्ष’ मैं जाणु जी,
थाने ही मैं जाणु बाबा,
थाने ही पहचानू जी,
बाबा श्याम दूजो काम।।

बाबा श्याम दूजो काम,
मैं तो कोन्या जाणु जी,
थाने ही मैं जाणु बाबा,
थाने ही पहचानू जी,
बाबा श्याम दूजो काम।।

कृष्ण भजन बाबा श्याम दूजो काम मैं तो कोन्या जाणु जी भजन लिरिक्स
तर्ज – दीनानाथ मेरी बात।

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