बिणज करण व्यापारी आया भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
कबीरा सब जग निर्धना ,धनवंता ना ही कोई।
धनवंता सोई जानिये , ज्याके राम नाम धन होई।

बीणज करण व्योपारी आया,
पुजीं साथ घणेरी लाया।
इस जग माहीं आय ठगाया,
वहाँ क्या जवाब करोगे भाया।
जब जम लेखो तेरो ,
लेवें एक क्षण में।
उस दिन की रे भाया,
सोच लो रे मन में।

एक दिन हवा चलेगी आँधी ,
किसका ठाकुर किसकी माँझी।
ना रहेगी जोर जवानी ,
ना रहेगा सोना चाँदी।
ख़बर पड़ेगी तेरी ,
बूढ़ा जो पण में।
उस दिन की रे भाया,
सोच लो रे मन में।
बीणज करण …..

किसका बाप किसका बेटा,
किसका देवर किसका जेठा।
सब मिल तुझे उतारें हेठा,
छीन लेवे तेरा पाग लंगोटा।
बासा जाय करके ,
करोगे जंगल में।
उस दिन की रे भाया,
सोच लो रे मन में।
बीणज करण …..

कहत कबीर समझ मन मेरा,
यही है हवाल होवे नर तेरा।
बार बार क्या पूछे बेरा,
किसे बतावे तेरा मेरा।
राख उड़ेगी तेरे,
सुन्दर तन में।
उस दिन की रे भाया,
सोच लो रे मन में।

बीणज करण व्योपारी आया,
पुजीं साथ घणेरी लाया।
इस जग माहीं आय ठगाया,
वहाँ क्या जवाब करोगे भाया।
जब जम लेखो तेरो ,
लेवें एक क्षण में।
उस दिन की रे भाया,
सोच लो रे मन में।

सुनीता स्वामी के भजन | sunita swami ke bhajan video

बिणज करण व्यापारी आया binaj karan vyapari aaya bhajan lyrics kabir chetavani bhajan lyrics
कबीर राजस्थानी चेतावनी भजन hindi lyrics
भजन :- बिणज करण व्यापारी आया
गायिका :- सुनीता स्वामी

Leave a Reply