बीरा म्हारा देव धणी चेतावे है दुर्जनसाल देवनारायणकथा भाग पांच

ए बीरा म्हारा देव धणी,
चेतावे है दुर्जन साल,
बुलवाले रखवाल,
राजा बुलाले देश रा,
ए राजन टाल सके तो,
टाल ले अपनो काल,
बनवा ले कोई ढाल,
सेना बुलवाले दुनिया री।।

ए झुजगी धरती तीजी,
आयी आयी आज,
भूपत को कांपे ताज,
अटके है बोलत वाणी,
ए काली खप्पर अपनो,
खून सु भरलो जाय,
नाचे रे भैरव गायी,
जोगनिया साथे घूम रही।।

ए मोटी सेना जोडी,
रानी ने बिनायी,
सब रजवाडा बुलाय,
भूमि पर फौजा घूम रही,
ए जुटगी राडक जाडक,
चाले जबर जोर,
बाजे रणधेरी छोर,
बिजल ज्यु भाला भलक रया।।

ए शूरा कट रया हाथी,
घोडा रा असवार,
वारा पे चाल्या वार,
पलापल वेगा पड रया,
ए नाग काटन आया,
सैनिक लागा भाग,
मुंडा सु निकले झाग,
जमपुर मे सीधा जाय रया।।

ए देवजी पकड़,
पछाड्यो दुर्जन साल,
पिता रो बदलो आज,
रजवाडा सैनिक भाग रया,
ए देवजी दुष्टा रो,
करीयो है कल्याण,
हरखे है हिन्द वान,
पापी रो किनो खातमो,
पापी रो किनो खातमो,
पापी रो किनो खातमो।।

राजस्थानी भजन बीरा म्हारा देव धणी चेतावे है दुर्जनसाल देवनारायणकथा भाग पांच

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