बुलाओगे कब ओ श्याम प्यारे भजन लिरिक्स

बुलाओगे कब ओ श्याम प्यारे,
दरश की आशा है अब तो मन में,
सुनाएंगे हम तो हाल दिल का,
जो होगा बाबा हमारे दिल में,
बुलाओगे कब ओ श्याम प्यारें,
दरश की आशा है अब तो मन में।।

ये वक़्त आया है बाबा कैसा,
जकब होगा बाबा सब पहले जैसा,
पुकारे मिलकर के सारे प्रेमी,
बुला ले हमको तेरी शरण में,
बुलाओगे कब ओ श्याम प्यारें,
दरश की आशा है अब तो मन में।।

हमें भरोसा तेरा सांवरिया,
आऊं में जल्दी खाटू नगरिया,
हुआ है जबसे दीदार तेरा,
पागल हुए हैं तेरी लगन में,
बुलाओगे कब ओ श्याम प्यारें,
दरश की आशा है अब तो मन में।।

तेरे दरश को बेचैन है दिल,
हरोगे जल्दी ‘अवि’ की मुश्किल,
तेरी ‘दीप’ की यही तमन्ना,
तुझे ही पाऊं मैं हर जनम में,
बुलाओगे कब ओ श्याम प्यारें,
दरश की आशा है अब तो मन में।।

बुलाओगे कब ओ श्याम प्यारे,
दरश की आशा है अब तो मन में,
सुनाएंगे हम तो हाल दिल का,
जो होगा बाबा हमारे दिल में,
बुलाओगे कब ओ श्याम प्यारें,
दरश की आशा है अब तो मन में।।

कृष्ण भजन बुलाओगे कब ओ श्याम प्यारे भजन लिरिक्स
तर्ज – ऐ मुरली वाले मेरे कन्हैया

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