बेटा तो माचा पर पोढ़े दादा जावे ढांढा में

वेद शास्त्र सब घेणे मेल्या ,लाज सरम सब खाडा में।
बेटा तो माचा पर पोढ़े ,दादा जावे ढांढा में।

जीवे जतरे चाय नी पावे ,मरिया कूड़े मसाणा में।
बार दना तक मिठो भोजन ,देखो बनावे खाना में।
बेटा तो माचा। ….

छाती कुटे मनक हसावे ,अस्या लखन है लुगाया में।
बेटा तो माचा पर पोढ़े ,दादा जावे ढांढा में।

सासु जी या बहु ज्यू रेवे ,भतीजी रेवे बुआ ज्यू।
खुद ने बहु दादीजी समझे ,ओर ने समझे जुआ ज्यू।
पड़िया लखन मिटबा का कोनी ,ज्योई लखन है कांडा में ।
बेटा तो माचा। ….

बेन भांजा आ जावे ,जाणे लाय लगी है काटा में।
साला साली आ जावे ,तो अमृत बरसे बाता में।
बेटा तो माचा। ….

घर की शक्कर खाटी लागे ,लूण पराया है मीठा
गंडक ज्यू गालिया में दौड़े ,कई माजनो है नंगटा।
बेटा तो माचा। ….

माँ बापा को काण कायदो ,ऊचो टेरियो खुटिया में।
बहु बोली मारा सासुजी ,थे कद जावोला बैकुण्ठा में।
बेटा तो माचा। ….

बेटा तो माचा पर पोढ़े ,दादा जावे ढांढा में
भजन :- बेटा तो माचा पर पोढ़े
गायक :- हीरालाल राव

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