भरत भाई ! कपि से उ ऋण भजन लिरिक्स

भरत भाई ! कपि से उ ऋण bharat bhai kapi se urin hum nahi, anup jalota bhajan lyrics, hanuman ji bhajan lyrics

भरत भाई ! कपि से उ ऋण

भरत भाई !
कपि से उ ऋण हम नाहीं ॥

सौ योजन मर्यादा सिन्धु की ,
कूदि गयो क्षण माँहीं ।
लंका जारि सिया सुधि लायो ,
पर गर्व नहीं मन माँहीं ।
कपि से उ ऋण हम नाहीं ॥
भरत भाई । ……

शक्ति बाण लग्यो लक्ष्मण के ,
शोर भयो दल माँहीं ।
धोला गिर कर धर लायो ,
भौर ना होने पाई ॥
कपि से उ ऋण हम नाहीं ॥
भरत भाई । ……

अहि रावण की भुजा उखाड़ी ,
बैठि गयो मठ माँहीं ।
जो भैया हनुमंत नहीं होतो ,
तो करतो कौन सहाई ॥
कपि से उ ऋण हम नाहीं ॥
भरत भाई । ……

आज्ञा भंग कबहूं नहीं कीन्हीं ,
जहाँ पठायो तहाँ जाई ।
तुलसीदास पवनसुत महिमा ,
प्रभु निज मुख करत बड़ाई ॥
कपि से उ ऋण हम नाहीं ॥
भरत भाई । ……

============

BHAJAN
hanuman ji bhajan lyrics In English

bharat bhai kapi se urin hum nahi

bharat bhaee !
kapi se u rn ham naaheen .

sau yojan maryaada sindhu kee ,
koodi gayo kshan maanheen .
lanka jaari siya sudhi laayo ,
par garv nahin man maanheen .
kapi se u rn ham naaheen .
bharat bhaee . ……

shakti baan lagyo lakshman ke ,
shor bhayo dal maanheen .
dhola gir kar dhar laayo ,
bhaur na hone paee .
kapi se u rn ham naaheen .
bharat bhaee . ……

ahi raavan kee bhuja ukhaadee ,
baithi gayo math maanheen .
jo bhaiya hanumant nahin hoto ,
to karato kaun sahaee .
kapi se u rn ham naaheen .
bharat bhaee . ……

aagya bhang kabahoon nahin keenheen ,
jahaan pathaayo tahaan jaee .
tulaseedaas pavanasut mahima ,
prabhu nij mukh karat badaee .
kapi se u rn ham naaheen .
bharat bhaee . ……

============

BHAJAN
hanuman ji bhajan lyrics In Hindi

भरत भाई ! कपिसे उ ऋण

भरत भाई ! कपि से उ ऋण हम नाहीं ॥

सौ योजन मर्यादा सिन्धु की , कूदि गयो क्षण माँहीं ।
लंका जारि सिया सुधि लायो , पर गर्व नहीं मन माँहीं ।
कपि से उ ऋण हम नाहीं ॥ भरत भाई । ……

शक्ति बाण लग्यो लक्ष्मण के , शोर भयो दल माँहीं ।
धोला गिर कर धर लायो , भौर ना होने पाई ॥
कपि से उ ऋण हम नाहीं ॥ भरत भाई । ……

अहि रावण की भुजा उखाड़ी , बैठि गयो मठ माँहीं ।
जो भैया हनुमंत नहीं होतो , तो करतो कौन सहाई ॥
कपि से उ ऋण हम नाहीं ॥ भरत भाई । ……

आज्ञा भंग कबहूं नहीं कीन्हीं , जहाँ पठायो तहाँ जाई ।
तुलसीदास पवनसुत महिमा , प्रभु निज मुख करत बड़ाई ॥
कपि से उ ऋण हम नाहीं ॥ भरत भाई । ……

============

anup jalota bhajan lyrics

Video

Bhajan / Geet(भजन ) == भरत भाई ! कपिसे उ ऋण
Bhajan Singer/गायक = अनूप जलोटा
Bhajan Lyrics Type = भजन Lyrics

Leave a Comment