मनवा नहीं विचारी रे भजन लिरिक्स

॥ दोहा ॥
कबीरा सोया क्या करे , उठ ने भज भगवान ।
जम जब घर ले जायेंगे , पड़ी रहेगी म्यान ॥

मनवा नहीं विचारी रे ,
मनवा नहीं विचारी रे ।
थारी म्हारी करतां ऊमर ,
बीती सारी रे ।।

गरभवास में रक्षा कीनी ,
सदा बिहारी रे ।
बाहर भेजो नाथ भगती ,
करस्यूं थारी रे ॥
मनवा नहीं । ….

बालपणे में लाड लडायो ,
माता थारी रे ।
तरूण भयो जब लागे घर की ,
तिरिया प्यारी रे ॥
मनवा नहीं । ….

पाछे तू माया में लिपट्यो ,
जुड़े संजारी रे ।
कोड़ी – कोड़ी खातिर लेतो ,
राड़ उधारी रे ।।
मनवा नहीं । ….

जो कोई बोले बात ज्ञान की ,
लागे खारी रे ।
जो कोई बोले भजन हरि रस ,
देतो गाली रे ।।
मनवा नहीं । ….

वृद्ध भयो जब कहन लगी !,
घर की नारी रे ।
कब मरसी ओ डैण छूटे ,
गैल हमारी रे ॥
मनवा नहीं । ….

रुक गये कण्ठ दशों दरवाजा ,
मच गई ध्यारी रे ।
पूंजी थी सो भई बिरानी ,
भयो भिखारी रे ।।
मनवा नहीं । ….

कालूराम जी सीख दई सो ,
लागी खारी रे ।
अब चौरासी भुगतो बन्दा ,
करणी थारी रे ॥
मनवा नहीं । ….

shyam das vaishnav bhajan Video

मनवा नहीं विचारी रे manwa nahi vichari re bhajan, thari mari karta umar biti sari, shyam das vaishnav bhajan,chetawani bhajan lyrics
भजन :- मनवा नहीं विचारी रे
गायक :- श्याम लाल वैष्णव

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