मनवा राम सुमर ले रे भजन लिरिक्स | manva ram sumar le re bhajan lyrics

। दोहा ।।
राम किसी को मारे नहीं ,और नहीं है पापी राम।
अपने आप मर जावसी ,नर कर कर खोटा काम।

ऐ मनवा राम सुमर े रे।
आसी तेरे काम नाम की ,
तु बालद भरले।

संत केवे तने बात धरम की ,
चीत मे धरले रे।
मनख जनम ने सफल करे तो ,
गीत रटले रे।
ऐ मनवा ….

खोटा खोटा करम् करे तु ,
अब तो डरले रे।
आगे लेखो धर्मराज को ,
तु अब तो डरले रे।
ऐ मनवा ….

भव सागर तो उण्डों गणो ,
किनारे टलले रे।
राम नाम की नाव बणाकर ,
तु पार उतर ले रे।
ऐ मनवा ….

काम , क्रोध , मद , लोभ , मोह ,
से पाचा से टलले रे।
कहे बीहारी सुणो पुजारी ,
तु जीवत मरले रे।
ऐ मनवा ….

सांवरमल सैनी के भजन | sanwarmal saini ke bhajan video

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भजन :- मनवा राम सुमर ले रे
गायक :- सांवरमल सैनी

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