महाकाल की नगरी वाली हरसिद्धि की जय भजन लिरिक्स

महाकाल की नगरी वाली,
हरसिद्धि की जय,
उज्जैन नगरी जो भी आवे,
होवे उकी विजय,
के दर्शन करने आजो जी,
के झोली भरता जाजो जी,
ओ मनोकामना पूर्ण करने,
अब के आजो जी,
के दर्शन करने आजो जी,
के झोली भरता जाजो जी।।

हरसिद्धि तो सिद्धि दई के,
सबका काम करें,
धन वाला ने निर्धन आई के,
मां को ध्यान धरे,
के दर्शन करने आजो जी,
के झोली भरता जाजो जी,
ओ मनोकामना पूर्ण करने,
अब के आजो जी।।

हरसिद्धि को मंदिर प्यारो,
झिलमिल दीप जले,
राजी खुशी सब जई के माँ का,
मंतर सारा फले,
के दर्शन करने आजो जी,
के झोली भरता जाजो जी,
ओ मनोकामना पूर्ण करने,
अब के आजो जी।।

साधु संत है जोगी भोगी,
हरसिद्धि से मांगे,
जगराता में आने वाला,
नौ नौ दिन तक जागे,
के दर्शन करने आजो जी,
के झोली भरता जाजो जी,
ओ मनोकामना पूर्ण करने,
अब के आजो जी।।

क्षिप्रा जी में नहई के पेला,
फिर मंदिर में आजो,
जो केणो है केजो मां से,
फिर लई के सब जाजो,
के दर्शन करने आजो जी,
के झोली भरता जाजो जी,
ओ मनोकामना पूर्ण करने,
अब के आजो जी।।

महाकाल की नगरी वाली,
हरसिद्धि की जय,
उज्जैन नगरी जो भी आवे,
होवे उकी विजय,
के दर्शन करने आजो जी,
के झोली भरता जाजो जी,
ओ मनोकामना पूर्ण करने,
अब के आजो जी,
के दर्शन करने आजो जी,
के झोली भरता जाजो जी।।

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