मात की अपार माया जी मोलेला मंगरा पे खेड़ादेवी पुजाया जी

मात की अपार माया जी,
मात की अपार माया जी,
मोलेला मंगरा पे,
खेड़ादेवी पुजाया जी।।

मोलेला की महिमा भारी,
भारत में विख्यात,
मिटटी की वटे बने मुरता,
देखिया ही बन आय,
मैं आखिया देख आया जी,
आखिया देख आया जी,
मोलेला मंगरा पे,
खेड़ादेवी पुजाया जी।।

देव नारायण देव बिराजिया,
खेड़ी गांव के माय,
ऊँची पेडिया तीन बारना,
काच जुडिया मन भाय,
में भी दरसन कर आया जी,
में भी दरसन कर आया जी,
मोलेला मंगरा पे,
खेड़ादेवी पुजाया जी।।

सेमा का गुडा में बिराजिया,
आवरा माता,
दरवाजा के शामे देखिया,
नार दो हटा,
रुखड़ा गजब चुकाया जी,
रुखड़ा गजब चुकाया जी,
मोलेला मंगरा पे,
खेड़ादेवी पुजाया जी।।

सेमा सोराया महाराणा को,
देखियो मैं प्रतीक,
हिन्दू धर्म ने धरण राख नो,
मले वटा सु सिख,
मेवाड़ी मान बढ़ाया जिओ,
मेवाड़ी मान बढ़ाया जी,
मोलेला मंगरा पे,
खेड़ादेवी पुजाया जी।।

करधर रा काकड़ के माई,
बैठा भैरुनाथ,
गजब गोखड़ा गोंडा दिखया,
दरवाजा मन भाय,
अरे वटे बडला की छाया जी,
वटे बडला की छाया जी,
मोलेला मंगरा पे,
खेड़ादेवी पुजाया जी।।

गोरख नाथ का गुरुदेव को,
मचीन छायो नाम,
वाकेराव को मंदिर भारी,
तारिया काम सर जाय,
पथर गजब गडाया जी,
पथर गजब गडाया जी,
मोलेला मंगरा पे,
खेड़ादेवी पुजाया जी।।

सेमा मोलेला मछिंद तुला,
गांव है भाई,
कराई गांव में सुंधा माता,
काकड़ के माहि,
भाव से भजन बनाया जी ओ,
भाव से भजन बनाया जी,
मोलेला मंगरा पे,
खेड़ादेवी पुजाया जी।।

खेड़ा रा या बैठा बावजी,
ताका भैरुनाथ,
अरे सोरा मायने चारभुजा जी,
और आसापुरा मात,
मैं भी दरसन पाया जी,
मैं भी दरसन पाया जी,
मोलेला मंगरा पे,
खेड़ादेवी पुजाया जी।।

कैलाश दला भूरसिंह जी,
तुला भोपा खास,
देवीलाल ओर वरदी सिंह जी,
है भजनों रा दास,
भोपा को भाव अनाया जिओ,
भोपा को भाव अनाया जिओ,
मोलेला मंगरा पे,
खेड़ादेवी पुजाया जी।।

सबसे छोटो बालक गावे,
केवे है ‘जगदीश’,
लिखवा में कई गलती वेतो,
मत कर जो कोई रिस,
मैं तो थाका गांव में आया जिओ,
थाका गांव में आया जी,
मोलेला मंगरा पे,
खेड़ादेवी पुजाया जी।।

मात की अपार माया जी,
मात की अपार माया जी,
मोलेला मंगरा पे,
खेड़ादेवी पुजाया जी।।

राजस्थानी भजन मात की अपार माया जी मोलेला मंगरा पे खेड़ादेवी पुजाया जी

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