माधव गति तुम्हारी ना जानी भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
सात गुरु संसार में ,सेवक सब संसार।
सतगुरु सोई जानिये ,भव जल तारे पार।

माधव गति तुम्हारी ना जानी।

सतगुरु में राजा में हरिचंद ,
सत्ये सत्य बखानी।
नित उठि दान लेत मरघट पर ,
भरे डोम घर पानी।
माधव …

त्रेता में रावण भयो राजा ,
सोने के लंक बखानी।
एकलख पूत सवालख नाती ,
लकड़ी कोऊ न आनी।
माधव …

द्वापर में दुर्योधन राजा ,
छत्र चले अगवानी।
उडी उडी झूझे कुरुक्षत्रमा ,
होवे बंसकी हानि।
माधव …

राजा बलि बैकुंठ के कारण ,
यज्ञ रच्यो रजधानी।
ताको बांधी पाताल पठायो ,
आप भयो दरबानी।
माधव …

द्वापर मा मोरध्वज राजा ,
सो राजा बड़ दानी।
आरा चले पुत्र सिर ऊपर ,
रहिगे राजा रानी।
माधव …

कलयुग में राजा विक्रमादत्त ,
ज्ञान गुटखी खानी।
हाथ कटाई पड़े तेली घर ,
तेल निकालत घाणी।
माधव …

मारवाड़ी देसी भजन हिंदी में video

माधव गति तुम्हारी ना जानी Madhav gati tumhari na jani bhajan निर्गुणी भजन लिरिक्स इन हिंदी
भजन :- माधव गति तुम्हारी ना जानी
गायक :- प्रेम कुमार

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