मानव किसका अभिमान करें भजन | manav kiska abhiman kare bhajan lyrics

।।दोहा ।।
हरी भजना की मौज ने , भूल गयो संसार।
चार दीना की चांदनी,वामे गयो जमारो हार।

मानव किसका अभिमान करें ,
दिन चढ़ते उतरकर आते है।
कीसमत जौ साथ नहीं देती ,
पत्थर भी उछल कर आते है।

जिसके दरवाजे देव सभी ,
देने को सलामी आते हैं।
किस्मत ने करवट ली पल में ,
पानी प पत्थर तीर जाते है।
मानव किसका …..

गण राज रावण कुम्भकरण ,
रण में रणवीर कहाते है।
उनकी सोने की लंका पर ,
वानर भी फ़तहे कर जाते है ,
मानव किसका …..

जिस की बाणो की वर्षा से ,
कही महा योद्धा घबराते है।
अर्जुन के जसा धनुर धारी ,
कीनर बन समय बीताते है।
मानव किसका …..

उकार ये सब कुछ ईस्वर का ,
सच्चे सन्त यही बताते है।
लोब झूठ कपट को छोड़ो ,
साँवरिया साथ निभाते है।
मानव किसका …..

जगदीश वैष्णव भजन | jagdish vaishnav bhajan video

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भजन :- मानव किसका अभिमान करें
गायक :- जगदीश वैष्णव

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