मारा भाग पुरबला जागा भलाई आया जी

भलाई आया जी भलाई आया जी,
मारा भाग पुरबला जागा,
भलाई आया जी।।

गुरु दुर्वासा आया,
जद्द पांडव जाय बदाया,
भुनियोडा आम उगाया,
भलाई आया जी।।

गुरु रविदास जी आया,
जद मीराबाई जाए बदाया,
ज्याने विष अमृत कर पाया,
भलाई आया जी।।

गुरु उगम जी आया,
जद रानी रूपादे जी जाए बदाया,
थाली मैं बाग लगाया,
भलाई आया जी।।

गुरु रामानंद जी पाया,
साहेब कबीर जी शीश निवाया,
मेरी निर्मल हो गई काया,
भलाई आया जी।।

भलाई आया जी भलाई आया जी,
मारा भाग पुरबला जागा,
भलाई आया जी।।

राजस्थानी भजन मारा भाग पुरबला जागा भलाई आया जी

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