मारा सतगुरु कृपा किनी माने जड़ी भजन री दिनी भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
कोटिक चंदा उगहि ,सूरज कोटि हजार।
तिमिर तो नाशे नहीं गुरु बिन घोर अंधार।

सतगुरु किरपा किनी ,
माने जड़ी भजन री दिनी।
सुतोडी सुरता जागी ,
आ जाग भजन में लागी।

में भूल भरम में फिरतो ,
गुरु कियो भजन में मिलतो।
मारा भाग पुरबला जागा ,
और सत सब्दो में लागा।
सतगुरु किरपा किनी ,
माने जड़ी भजन री दिनी। टेर।

में गुरु सेवना किनी ,
माने सुमिरण कूची दिनी ,
जद खुलिया भरम रा ताला ,
मारे हिरदे भया उजियाला।
सतगुरु किरपा किनी ,
माने जड़ी भजन री दिनी। टेर।

में राम भजन में राजी ,
मारी हरी राखेला बाजी।
में तो गुरूसा रो शरणे लीनो ,
और प्यालो प्रेम रो पिनो।
सतगुरु किरपा किनी ,
माने जड़ी भजन री दिनी। टेर।

झिलमिल झलकी ज्योति ,
निरख लिया निज मोती।
दादू भजे बह जातो ,
मने थाम लियो निज हाथो।
सतगुरु किरपा किनी ,
माने जड़ी भजन री दिनी। टेर।

naresh prajapat ke bhajan Music video Song

मारा सतगुरु कृपा किनी माने जड़ी भजन री दिनी भजन, mara satguru kripa kini satguru mahima ke bhajan lyrics
गुरु जी भजन लिरिक्स इन हिंदी
भजन :- सतगुरु किरपा किनी
गायक :- नरेश प्रजापत

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