मीरा रा महाराज ऊबा रेजो भजन लिरिक्स

॥ दोहा ॥
वृन्दावन सो वन नहीं और नन्द गाँव सो गाँव ।
राधे सी राणी नहीं , कृष्ण श्याम सो नाम ॥

दौडूं तो पहुँचुं कोनी रे ,
छेटी पड़गी नाथ ,
ऊभा रहजो ।
म्हारे मीरां रो महाराज ,
ऊभा रहजो ।

म्हारे चुड़ले रा सिणगार ,
ऊभा रहजो ।
मीरां रा महाराज हवले हालो ।

आप रे भजन रे कारणे ,
म्हें छोड़्या माँयर बाप ,
ऊभा रहजो ।
वैरागण आवे लार ,
ऊभा रहजो ।

आप रे भजन रे कारणे ,
म्हें छोड्यो सहेलियों रो साथ ,
ऊभा रहजो ।
म्हारे चुड़ले रा सिणगार ,
ऊभा रहजो ॥

आप रे भजन रे कारणे ,
म्हें पेऱ्या भगवाँ वेश ,
ऊभा रहजो ।
मेड़तणी आवे लार ,
ऊभा रहजो ।

आप रे भजन रे कारणे ,
म्हें छोडूया अन ने पान ,
ऊभा रहजो ।
म्हारे चुड़ले रा सिणगार ,
ऊभा रहजो ।।

बाई मीरां री विणती ,
थे सुणोनी द्वारका रा नाथ ,
ऊभा रहजो ।
वैरागण आवे लार ,
ऊभा रहजो ॥

मीरा रा महाराज ऊबा रेजो, meera ra maharaj ubha rijo, meera bai bhajan in hindi, meera bai bhajan lyrics, desi bhajan hindi

Leave a Reply