मेरी भी सुध लीजिये वीर बलि हनुमान भजन लिरिक्स

मेरी भी सुध लीजिये,
वीर बलि हनुमान,
इस सेवक को दे दीजिये,
इस सेवक को दे देना,
इस सेवक को दे देना,
चरणों में तू अस्थान,
मेरी भी सुध लीजिए,
वीर बलि हनुमान।।

जबसे होश संभाला मैंने,
तुमको अपना माना है,
बालक ये नादान तुम्हारे,
चरणों का दीवाना है,
अब तेरी दया का दे दो,
अब तेरी दया का दे दो,
मुझको भी थोड़ा दान,
मेरी भी सुध लीजिए,
वीर बलि हनुमान।।

छोटे से इस दास की अर्जी,
यूँ ही ना ठुकरा देना,
शरणागत को आके बाबा,
अपने गले लगा लेना,
मेरी अर्जी पर भी देना,
मेरी अर्जी पर भी देना,
बाबा थोड़ा सा ध्यान,
मेरी भी सुध लीजिए,
वीर बलि हनुमान।।

तेरी भक्ति की संजीवन,
मुझको जरा पीला दे तू,
माया के जंजाल से मुझको,
मुक्ति जरा दिला दे दू,
ये ‘हर्ष’ सदा ही गाए,
ये ‘हर्ष’ सदा ही गाए,
बाबा तेरा गुणगान,
मेरी भी सुध लीजिए,
वीर बलि हनुमान।।

मेरी भी सुध लीजिये,
वीर बलि हनुमान,
इस सेवक को दे दीजिये,
इस सेवक को दे देना,
इस सेवक को दे देना,
चरणों में तू अस्थान,
मेरी भी सुध लीजिए,
वीर बलि हनुमान।।

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