मैं हारा तू है हारे का सहारा खताएं मेरी माफ़ कर दे भजन लिरिक्स

मैं हारा तू है हारे का सहारा,
खताएं मेरी माफ़ कर दे,
तूने लाखों को पार उतारा,
खताएं मेरी माफ़ कर दे।।

सच्चे मन से ज्योत जलाकर,
श्याम नाम को मन में बसाकर,
छोड़ आया हूँ सब अब तो स्वीकारो,
खताएं मेरी माफ़ कर दे,
मैं हारा तु है हारे का सहारा,
खताएं मेरी माफ़ कर दे।।

माना मुझ में बहुत कमी है,
शर्मिंदा हूँ आँखें झुकी हैं,
‘रोबिन’ जैसा भी है बेटा है तुम्हारा,
खताएं मेरी माफ़ कर दे,
मैं हारा तु है हारे का सहारा,
खताएं मेरी माफ़ कर दे।।

तेरी रजा में ‘मोहित’ राज़ी,
हमको जिताओ हारी बाज़ी,
हम जैसों का है तुझसे ही गुज़ारा,
खताएं मेरी माफ़ कर दे,
मैं हारा तु है हारे का सहारा,
खताएं मेरी माफ़ कर दे।।

मैं हारा तू है हारे का सहारा,
खताएं मेरी माफ़ कर दे,
तूने लाखों को पार उतारा,
खताएं मेरी माफ़ कर दे।।

Leave a Reply