राणी डावा हाथ में भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
रावळमाल दे कोपिया ने , सूता महलां माँय ।
थाळ लीनो रूपां हाथ में , आ रावळ मनावा जाय।

राणी डावा हाथ में ,
अब दिवलो झेलियो ने ,
जिमणे हाथ जिमवा रो थाळ ।
रूपां रमझम करता ,
महले पधारिया ने ,
परा उठो मेवा रा माल ।
राणी राम रा भजन में ,
हालो प्राणिया ने ,
भव जळ उतरो थे तो पार ।
भाई हरि रा भजन में ,
हालो प्राणिया ने ,
भव जळ उतरो थे तो पार ॥

राणी उंगाणा नरां ने ,
सोरा जगावणा ने ,
जागता नी जागे रावळ माल ।
राणी पलक पसेड़ो ,
रूपां खेंचियो ने ,
ज्यूं जगाया वासंग नाग ॥

राजा रेशम ताजणो ,
लीनो हाथ में ,
परो फेर्यो राणी रे डील ।
राणी थाळ सोवनो ,
रूपां पटकियो ने ,
झारी पहुँची पियाळां माँय ॥

राणी अमर जोत तो ,
चढ़ी आकाशे पग ,
पहुँच्यो पियाळां माँय ।
रूपां माथा कँवळ ने ,
ऊँचो रे देखियो ने ,
तीन लोक मुखड़ा रे माँय ॥

राणी थारी कळा ने ,
परी सोमटो ने ,
परा मरे मेवा रा माल ।
राणी रावल कोपे ,
ने थर थर धूजे ,
भजो भजो प्रभु रा जाप ॥

राजा सहदे सरगे ,
अरे जगभेळा रमिया ,
ने हमें मिळों सरगों रे माँय ।
राजा नेम धरम ,
अरे हालो राजवी ने ,
राज करो थे रावळ माल ॥

रूपां गुरु उगम जी ,
अरे जग में भेटिया ने ,
जाय मिल्या प्रभु आज ।
राणी खमा माल ने ,
अरे खमा करूं रे ,
खमा खमा जुगड़ा रे माँय

shyam paliwal ke bhajan Video

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भजन :- राणी डावा हाथ में
गायक :- श्याम पालीवाल

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