राधा सुनी सुनी लागे मारा श्याम बिना भजन लिरिक्स

। दोहा ।।
ब्रज रज की महिमा अमर, ब्रज रस की है खान।
ब्रज रज माथे पर चढ़े, ब्रज है स्वर्ग समान।

राधा सुनी सुनी ागे ,
मारा श्याम बिना।
श्याम बिना घनश्याम बिना ,
राधा सुनी सुनी लागे ,
मारा श्याम बिना।

सागर नदिया जल बिन सुना ,
सिप मोती बिना।
बिना ज्योति अखिया है सुनी ,
होली रंग बिना।
राधा सुनी ….

कलम बिना कागज है सुनो ,
पतंग डोर बिना।
बिना बाती रा दिवला सुना ,
पंछी पंख बिना।
राधा सुनी ….

मणिया बिना माला है सुनी।
काया प्राण बिना।
बिना सूरज आकाश है सुनो ,
धरती कर्म बिना।
राधा सुनी ….

बिना बलद गाड़ी है सुनी ,
खेत बाड़ बिना।
बिना गुरु के ज्ञान है सुनो ,
निर्धन माया बिना।
राधा सुनी ….

बिना देवत मंदरियो सुनो ,
बाण धनुष बिना।
बिन शिवजी कैलाश है सुनो ,
हनुमत राम बिना।
राधा सुनी ….

प्रेम बिना जीवन है सुनो ,
भक्ति भाव बिना।
बिना भगत भगवान सुनो ,
सुरेश भजन बिना।

राधा सुनी सुनी लागे ,
मारा श्याम बिना।
श्याम बिना घनश्याम बिना ,
राधा सुनी सुनी लागे ,
मारा श्याम बिना।

भगवत सुथार के भजन | bhagwat suthar bhajan video

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कृष्ण भजन हिंदी लिरिक्स
भजन :- राधा सुनी सुनी लागे श्याम बिना
गायक :- भगवत सुथार

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