लागा रे बाण मारे शब्द गुरा रा भजन लिरिक्स

। दोहा ।।
सबदा मारा मर गया ,सबदा छोडियो राज।
जिण जिण ब्द विचारिया मारा सरिया काज।।

ागा रे बाण मारे सबद गुरा रा ,
केण सतगुरु रा।
घायल वे ज्यारी ये बाता। २।

परणी नार पिया गम जाणे ,
काई जाणे रे कवारी बाता।
बिना विवेक वा फिरे भटकती ,
इन कारण खावे है लाता।
लागा रे बाण। ….

पतिव्रता नार भाई भुजवंती ,
काई जाणे रे पीवजी री बाता।
सतगुरु मिलिया भरम सब भागा ,
भूल गई कुबदा री बाता।
लागा रे बाण। ….

धरा आसमान सब बिक जावे ,
सुख जावे समंदर सारा।
में मारा पीव जी ने कदे नी भूलू ,
पावे पलक ने दिन राता।
लागा रे बाण। ….

प्रेम पोल में मारा सतगुरु पोडिया ,
मिलने री लग रही आसा।
गुरु प्रताप रवि दास जी बोले ,
तार में तार मिलाय दाता।
लागा रे बाण। ….

लागा रे बाण मारे सबद गुरा रा ,
केण सतगुरु रा।
घायल वे ज्यारी ये बाता। २।

लागा रे बाण मारे शब्द गुरा रा भजन लिरिक्स laga re ban mare shabad guru ra .mohinudin manchala bhajan

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