लिखमोजी माला फेरी है अमरपुरा रे माई लिरिक्स

लिखमोजी माला फेरी है,
अमरपुरा रे माई।

दोहा – शिरोमणी संत भगत लिखमोजी,
ज्यारी महिमा अपार,
गावे बजावे सुने साम्भले,
ओ भवजल उतरे पार।
गाँव शहर मन्दिर लिखमोजी रा,
मूरतीया हर भवन रे माय,
मगरा पुछला गदा आश्रम भी,
प्रतिमा दीनी रे लगाय।

लिखमोजी माला फेरी है,
अमरपुरा रे माई,
अमरपुरा रे माई मन्दिर,
देश विदेश रे माई,
लिखमोजी माला फेरीं है,
अमरपुरा रे माई।।

सिरोही शिवगंज मन्दिर बनावे,
भक्ति भाव जगाई,
सिरोही शिवगंज मन्दिर बनावे,
भक्ति भाव जगाई,
गुलाबगंज मेडमर माला,
गाँव कलदरी माई,
लिखमोजी माला फेरीं है,
अमरपुरा रे माई।।

पाली बारवा बर रायपुर,
दिशा बासडा माई,
पाली बारवा बर रायपुर,
दिशा बासडा माई,
अहमदाबाद इंडिया काँलनी,
दर्शन करलो जाई,
लिखमोजी माला फेरीं है,
अमरपुरा रे माई।।

सायला जालौर उमेदाबाद,
केशवाना रे माई,
सायला जालौर उमेदाबाद,
केशवाना रे माई,
बाड़मेर समंदडी मुकतसर,
मन्दिरीया दिया बनाई,
लिखमोजी माला फेरीं है,
अमरपुरा रे माई।।

सालावास मन्दिर बनायो,
ओर सिंध रे माई,
सालावास मन्दिर बनायो,
ओर सिंध रे माई,
चेन्नई हैदराबाद भवन में,
मूरतीया लगवाई,
लिखमोजी माला फेरीं है,
अमरपुरा रे माई।।

अमरपुरो निज धाम माई,
संत सुवि कराई,
अमरपुरो निज धाम माई,
संत सुविधा कराई,
माली छंवर कहे मन्दिर बनीयो,
बनसी ओर सवाई,
लिखमोजी माला फेरीं है,
अमरपुरा रे माई।।

लिखमोजी माला फेरीं है,
अमरपुरा रे माई,
अमरपुरा रे माई मन्दिर,
देश विदेश रे माई,
लिखमोजी माला फेरीं है,
अमरपुरा रे माई।।

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