शरणे आयो देवी लाज राखजो लिरिक्स

।। दोहा ।।
इस तन का दीवा करों, बाती मेल्यूं जीव।
लोही सींचौं तेल ज्यूं, कब मुख देखों पीव॥

शरणे आयो की देवी ,
लाजिया राखज्यो।
राखो ने छतर वाली छाया ,
मारी जरनी जोग माया। २

अरे कंकु केशर ,
वाली गाल गलाउ ला। २
थारो देवरियो निपवाउला।
मारी जरनी जोग माया।
शरणे आयो की देवी ,
लाजिया राखज्यो।२
राखो ने छतर वाली छाया।
मारी जरनी जोग माया।

सोना रुपाली थारे ,
ईटा पडाउला। २
थारो मंदरियो बलवाउला।
मारी जरनी जोग माया।
शरणे आयो की देवी ,
लाजिया राखज्यो।२
राखो ने छतर वाली छाया।
मारी जरनी जोग माया।

भूरी गाय को ,
गीरत मँगाउला। २
मंदरिया में जोत जगाउला।
मारी जरनी जोग माया।
शरणे आयो की देवी ,
लाजिया राखज्यो।२
राखो ने छतर वाली छाया।
मारी जरनी जोग माया।

दोही थारे जोड़ राजा ,
मान सिंह बोले। २
चरणों में शीश नवाउला।
थारे रमतो रमतो आउला।
मारी जरनी जोग माया।
शरणे आयो की देवी ,
लाजिया राखज्यो।२
राखो ने छतर वाली छाया।
मारी जरनी जोग माया।

शरणे आयो देवी लाज राखजो लिरिक्स sharan aayo re devi laaj rakhjo bhajan ,mahendra singh rathore bhajan

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