शिवजी रो मनड़ो मोयो भीलनी रंगीली लिरिक्स

।। दोहा ।।
तीन लोक चवदा भवन में , पहुंच सके ना कोई।
ब्रह्मा विष्णु भी थक गया , शंकर गया है सोई।

बाबा रो मनड़ो मोयो रे ,
भीलनी रंगीली।
शिव जी रो मनड़ो मोयो रे ,
भीलनी रंगीली।

गैर गुमरो पेर घगरो ,
ओढ़न अगवा साड़ी।
शिव जी आगे नृत्य कियो,
जद शिव जी पलक उगाड़ी।
भीलनी रंगीली। ……

किन भील री बेटी कहिजे ,
किन भील घर नारी। २
अरे केवे बाबा सुन रे भीलनी ,
करले प्रीत हमारी। २
बाबा रो मनड़ो। …….

हेमा भील री बेटी कहिजु ,
शिवा भील घर नारी।
भीलनी जात बिखयारी बाबा ,
मत कर प्रीत हमारी।
बाबा रो मनड़ो। …….

मारा घर में भवर भील है ,
उड़ता पंछी मारे।
थने मार ने मने ले जावे ,
पथ दो न्यारी जावे।
बाबा रो मनड़ो। …….

आगे आगे दानव दलीया ,
भील किन ने देखे।
जटा मुकट में तने छिपा दू ,
भील कटा सु देखे।
बाबा रो मनड़ो। …….

पहली थारे गौरी पारवता ,
दूजी सिर पर गंगा।
तीजी बाबा मने ले जावो ,
नितरा होसी दंगा।
बाबा रो मनड़ो। …….

पारवती ने पीहर पुगाऊ ,
गंगा भरेली पानी।
तीन लोक रे तकथ बिराजो ,
थे घर रा धरियानी।
बाबा रो मनड़ो। …….

नहीं चढ़ु में सिंह नादिये,
नहीं चढ़ु रथ गाड़ी।
पैदल मा सु जल्यो नी जावे ,
बेठू पीठ तुम्हारी।
बाबा रो मनड़ो। …….

अरे मोची बन ने थे माने छलिया,
में बन गई भीलरानी।
शिव सरने पारवता बोले ,
में थारी धारियानी।
बाबा करले प्रीत हमारी।
बाबा रो मनड़ो। …….

बाबा रो मनड़ो मोयो रे ,
भीलनी रंगीली।
शिव जी रो मनड़ो मोयो रे ,
भीलनी रंगीली।

शिवजी रो मनड़ो मोयो भीलनी रंगीली लिरिक्स shiv ji mando moyo re bhilni rangili shiv ji bhajan Lyrics in Hindi

Leave a Reply