श्याम मुझको भी बुला ले अपने दरबार में भजन लिरिक्स

श्याम मुझको भी बुला ले,
अपने दरबार में,
मेरी हर सांस रुकी है,
तेरे इन्तजार में,
श्याम मुझको भी बुलाले,
अपने दरबार में।।

मेरे जीवन का बाबा,
एक तूँ ही है सहारा,
मैंने तुझको ही माना,
मैंने तुझको ही पुकारा,
और कोई ना मिला – २,
सारे संसार में,
श्याम मुझको भी बुलाले,
अपने दरबार में।।

तेरे चरणों में बाबा,
झुकता संसार सारा,
सबकी तूँ झोली भरता,
सबका करता है गुजारा,
भक्ति की शक्ति मिले -२,
तेरे दीदार में,
श्याम मुझको भी बुलाले,
अपने दरबार में।।

ऐसी है लीला तेरी,
ज्योत दिन रात जलती,
तेरी ही ज्योति से बाबा,
सारी दुनिया है चलती,
देदे थोड़ी सी जगह – २,
तेरे दरबार में,
श्याम मुझको भी बुलाले,
अपने दरबार में।।

सुबह तुझसे ही होती,
शाम तुझसे ही ढलती,
तेरे चरणों में बाबा,
सारी खुशियाँ हैं मिलती,
श्याम आ जाओ अब तो – २,
मेरे परिवार में,
श्याम मुझको भी बुलाले,
अपने दरबार में।।

श्याम मुझको भी बुला ले,
अपने दरबार में,
मेरी हर सांस रुकी है,
तेरे इन्तजार में,
श्याम मुझको भी बुलाले,
अपने दरबार में।।

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