श्री शनिदेवजी की आरती

जय जय ्री शनिदेव भक्तन हितकारी
सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी | | जय जय . . . .

श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी ।
नीांबर धार नाथ गज की असवारी | | जय जय . . .

किरीट मुकुट शीश सहज दिपत है लिलारी |
मुक्तन की माल गले शोभित बलिहारी | | जय जय . . .

मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी ।
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी ॥ जय जय . . .

देव दनुज ऋषि मुनि सुरत नर नारी ।
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी | | जय जय . . .

https://www.youtube.com/watch?v=uta3s3ihyKc

आरती :- श्री शनिदेव जी
गायक :- राकेश काला
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