सतगुरु सायब जी Bhajan Hindi Lyrics

सतगुरु सायब जी ओ , म्हारी वीनती सुण
वीणती सुणलो म्हारी , अरजी तोसुण लो ।
सतगुरु सायब जी ओ , म्हारी वीनती सुण लो ॥

म्हारे तो त्रु घणा जी , भगती करण दे नाँय ।
काम क्रोध मद डाकण्यां ए , लागी म्हारे लार ॥
सतगुरु सायब। …..

तृष्णा है बल डाकिणी , आ लागी म्हारे लार ।
अजुहत ए धापी नहीं , खायो जुग संसार ।
सतगुरु सायब। …..

शब्द स्पर्श और रूप गन्ध जी , इणमें है वो पाँच ।
अपने अपने स्वाद को जी , जग में भूल्यो जाय ॥
सतगुरु सायब …..

मन मरकट माने नहीं ओ , कितना करूं रे उपाय ।
बहुत भाँत परमोदियो जी , म्हाने नचावे नाच ॥
सतगुरु सायब। …..

भवसागर का चक्कर में जी , आन पड़ी है नाव ।
करूणा सिन्धु कबीर सा ने , धरमी करे पुकार ॥
सतगुरु सायब। …..

rami bai bhajan satguru bhajan
भजन :- सतगुरु सायब जी
गायिका :- रामी बाई

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