सतगुरु सा री ओलु आवे रे भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
सतगुरु मेरा बाणिया ,बिनज करे जो पार।
बिन डांडी बिन ताकड़ी , गुरु तोल दियो संसार।

सतगुरुसा री ओळु आवे रे ,
मारो रोम रोम गरणावे रे।
रोम रोम गरणावे रे मारो ,
हिवड़ो हिलोरा खावे रे।

रात दिवस म्हाने नींद नी आवे,
अन्न पानी मने कछु नहीं भावे।
मारे नैना नीर भर आवे रे ,
मारो बालक जीव घबरावे रे।।
सतगुरुसा ……

पल पल छिन छिन याद सतावे ,
ऐडा ऐडा बादल घटा चढ़ आवे।
मारी सुरता शोर मचावे रे ,
मारा गुरु बिन रयो नहीं जावे रे।
सतगुरुसा ……

चढ़ी खुमारी मारे प्रेम री ,
गुरु बिन रयो नहीं जावे रे।
किस्मत री काई-काई गावे रे ,
मारा गुरूसा फिर नहीं आवे रे।
सतगुरुसा ……

जहाज पड़ी दरियाव बीच में ,
अध बिच गोता खावे रे।
सतगुरु केवट बण आवे रे ,
मारी नैया पार लगावे रे।।
सतगुरुसा ……

गौड़ भागीरथ भजन बणावे ,
कुशल रतन थारो गुण गावे।
ओ तो भजन मोइनुदीन गावे रे ,
गुरु चरणा में शीश निवावे रे।
सतगुरुसा ……

guru ji ke bhajan | नारायण मेघवंशी के भजन video

सतगुरु सा री ओलु आवे रे satguru sa ri olu aave re सतगुरु भजन लिरिक्स इन हिंदी
सतगुरु भजन लिरिक्स इन हिंदी
भजन :- सतगुरु सा री ओलु आवे रे
गायक :- नारायण मेघवंशी

This Post Has One Comment

Leave a Reply