सबदा की चोट नागा नुगरा के नहीं लागे भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
आया हे जो जायेगा ,और राजा रंक फ़क़ीर।
एक सिंगासन चढ़ चला , एक बंधा जंजीर।।

सबदा री चोट नागा ,
नुगरा के नहीं लागे।
हथोड़ा तोड़ो तोई ,
टाची टोला के नहीं लागे।

अरे मनडा की बाता केनी ,
अरे वा समज्या के आगे।
अरे या आख्या को नहीं खोज खोनो ,
आंधलिया के आगे।
अरे सबदा री चोट नागा ,
नुगरा के नहीं लागे।
हथोड़ा तोड़ो तोई ,
टाची टोला के नहीं लागे।

अरे माथो नहीं जुकाणो पापी,
पाखंडी के आगे।
अरे यो हाथ नहीं फैलाणो ,
कदी मंगता के आगे।
अरे सबदा री चोट नागा ,
नुगरा के नहीं लागे।
हथोड़ा तोड़ो तोई ,
टाची टोला के नहीं लागे।

अरे सांप को नहीं जोर चाले,
नोलिया के आगे।
अरे जमारो कटे नहीं
मोलिया माटी के आगे।
अरे सबदा री चोट नागा ,
नुगरा के नहीं लागे।
हथोड़ा तोड़ो तोई ,
टाची टोला के नहीं लागे।

अरे गुरु जी बताई बता
में केउ थाके आगे।
अरे उकारा को खर्चो ,
इमें घाट को नहीं लागे।
अरे सबदा री चोट नागा ,
नुगरा के नहीं लागे।
हथोड़ा तोड़ो तोई ,
टाची टोला के नहीं लागे।

https://www.youtube.com/watch?v=XkHMhUihqMA

सबदा की चोट नागा नुगरा के नहीं लागे भजन Sabda Ki Chot Naga Nugra Ke Nhi Lage Bhajan, nirguni bhajan

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