समझ मन मेरा गुरु बिन मुक्ति ना होई भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
सतगुरु आवत देखिया,ज्यां रे कांधे लाल बन्दुक।
गोली दागी हरी नाम री, भाग गया जम दूत।

समझ मन मेरा ,
गुरु बिन मुक्ति ना होई।
गुरु बिन मुक्ति ना होई ,
भाई गुरु बिन मुक्ति ना होई।

नीच वरन रविदास चमारा ,
गुरु किया मीरा बाई
विष रा प्याला अमृत हो गया ,
गुरु रे महिमा जग जोई।
समझ मन मेरा ,
गुरु बिन मुक्ति ना होई।

चार वेद षट शास्त्र पुराणा ,
पढिया सुख मुनि राई।
गया वैकुण्ठ मोड़ दिया पाछा ,
गुरु रे किया जद आई।
समझ मन मेरा ,
गुरु बिन मुक्ति ना होई।

नारद मुनि विदुर और ज्ञानी ,
हरी संग रहत सदाई।
कर क्रीड़ा पाव परसिया ,
लख चौरासी में जाई।
समझ मन मेरा ,
गुरु बिन मुक्ति ना होई।

गुरु बिन मुक्ति नहीं किसी की ,
लाख करो चतुराई।
भवरलाल परस्या गुरु पद को ,
दिन दिन मौज सवाई।
समझ मन मेरा ,
गुरु बिन मुक्ति ना होई।

satguru bhajan lyrics Music video Song

समझ मन मेरा गुरु बिन मुक्ति ना होई भजन, guru bina mukti na hoi guruji bhajan lyrics in hindi
सत्संग भजन लिरिक्स इन हिंदी
भजन :- गुरु बिन मुक्ति ना होई
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