सांवरा थारी माया रो पायो कोनी पार लिरिक्स

।।दोहा।।
सांवरा ने ढूंढन में गई , कर जोगन रो वेश।
ढूंढत ढूंढत जुग भया , आया धोळा केश।।

संवारा थारी माया रो ,
पायो कोनी पार। २।
भेद कोनी जाणु वो ,
दयालु दीना नाथ।

गव रा जाया बेलिया ,
कमावे दिन ने रात। २।
बूढ़ा कर के बेचे रे ,
दयालु दीना नाथ।
संवारा थारी। …..

इन्दर कोप कियो ब्रज ऊपर ,
बरसियो मूसलधार। २।
नख पर गिरधर धरियो वो।
दयालु दीना नाथ।
संवारा थारी। …..

हिरना कस्यप प्रह्लाद ने बरज्यो ,
बरज्यो बारम्बार। २।
राम नाम नहीं लेणा वो।
दयालु दीना नाथ।
संवारा थारी। …..

विष रा प्याला राणो भेजिया ,
दीज्यो मीरा ने जाय। २।
विष अमृत कर डालियो वो ,
दयालु दीना नाथ।
संवारा थारी। …..

बाई मीरा री अरज विनती ,
सुण ज्यो सिर्जन हार। २।
में चरणा री दासी वो ,
दयालु दीना नाथ।
संवारा थारी। …..

संवारा थारी माया रो ,
पायो कोनी पार। २।
भेद कोनी जाणु वो ,
दयालु दीना नाथ।

सांवरा थारी माया रो पायो कोनी पार लिरिक्स sanwara thari maya ro payo koni paar prakash mali bhajan Lyrics

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