सांवरिया तेरी चाहत ने मुझे पागल बना दिया भजन लिरिक्स

सांवरिया तेरी चाहत ने, मुझे पागल बना दिया।

दोहा – तेरा दर ढूंढते ढूंढते,
जिंदगी की शाम हो गई,
तेरा दर देखा जबसे सांवरे,
जिंदगी तेरे नाम हो गई।

पागल बना दिया हमें,
बैरागी बना दिया,
सांवरिया तेरी चाहत ने,
मुझे पागल बना दिया।।

तुझ में है कोई बात सांवरे,
दिल ही लूट लिया,
कोई पिछले जन्म का लेखा है,
किस्मत से श्याम मिला,
मेरी रोती,, आंखों को सांवरिया,
हंसना सिखा दिया,
साँवरिया तेरी चाहत ने,
मुझे पागल बना दिया।।

ना चाहूं मैं सोना चांदी,
ना चाहत कोई,
जब जब आंखें खोलूं सामने,
सूरत हो तेरी,
किसी लायक,, नहीं थी सांवरिया,
मुझे लायक बना दिया,
साँवरिया तेरी चाहत ने,
मुझे पागल बना दिया।।

श्याम के जैसा इस दुनिया में,
कोई दातार नहीं,
ऐसा दयालु है ‘किशोरी’,
करता इनकार नहीं,
‘राही’ का,, जीवन अब सांवरिया,
तेरा हो गया,
साँवरिया तेरी चाहत ने,
मुझे पागल बना दिया।।

पागल बना दिया हमें,
बैरागी बना दिया,
सांवरिया तेरी चाहत ने,
मुझे पागल बना दिया।।

कृष्ण भजन सांवरिया तेरी चाहत ने मुझे पागल बना दिया भजन लिरिक्स
तर्ज – वृन्दावन जाउंगी सखी।

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