सांवरे तेरे दर के लाखों ही दीवाने है भजन लिरिक्स

सांवरे तेरे दर के लाखों ही दीवाने है,
साँवरे तेरे दर के लाखों ही दीवाने है,
हम भी अपनी किस्मत को,
आए आजमाने है,
साँवरे तेरे दर के लाखों ही दीवाने है।।

जो भी दर पे आता है,
आके चैन पाता है,
दर पे दर्द दिल अपना,
आए हम सुनाने है,
साँवरे तेरे दर के लाखों ही दीवाने है।।

हार के जमाने से,
मांगता सहारा जो,
श्याम मेरे अपने भी,
हो गए बेगाने है,
साँवरे तेरे दर के लाखों ही दीवाने है।।

‘रानू’ तेरे चरणों की,
श्याम मांगता सेवा,
‘रज्जो’ नाम रटता है,
फल अनोखे पाने है,
साँवरे तेरे दर के लाखों ही दीवाने है।।

सांवरे तेरे दर के लाखों ही दीवाने है,
साँवरे तेरे दर के लाखों ही दीवाने है,
हम भी अपनी किस्मत को,
आए आजमाने है,
साँवरे तेरे दर के लाखों ही दीवाने है।।

कृष्ण भजन सांवरे तेरे दर के लाखों ही दीवाने है भजन लिरिक्स
तर्ज – तुम ठहरे परदेसी।

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