साधु भाई मन रो कयो न कीजे भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
गरजे अर्जुन इन्द्र भयो , तो गरजे गोविन्द धेनु चराई ।
गरजे द्रोपद्रीदासी भई तो गरजे भीम रसोई पकाई ।

ओ सन्तां ! मनरो केणो ना कीजे ,
ओ साधु भाई ! मन रो केणो ना कीजे ।
दव में काठ कितो ही घालो ,
अग्नि नाँ हि पतीजे ।
ओ साधु भाई !
मनरो केणो ना कीजे ॥

मन ही महा अनीति कही जे ,
बड़ा – बड़ा भूप ठगी जे ।
जोधा जबर हार गया इण सूं ,
पड्या कैद में सीजे ।
ओ साधु भाई । ….

इण मन में एक निज मन कहिजे ,
जिणरो संग करीजे ।
ऋषि मुनि इण अन्तर मन से ,
साहब रे घर दीजे ।
ओ साधु भाई । ….

मन को मोड़ करे कोय सुगरो ,
जद थारो मनवो धीजे ।
इडा पींगळा चले जुगत से ,
सुकमण रो घर लीजे ।
ओ साधु भाई । ….

जीव पीवरी दूरी मेटो ,
जद थारो मनवा धीजे ।
मदन कहे इण मन री मस्ती ,
भले भाग देखी जे ।
ओ साधु भाई । ….

shyam vaishnav ka bhajan Video

साधु भाई मन रो कयो न कीजे || sadhu bhai man ro kyo na kije, shyam vaishnav ka bhajan, marwadi bhajan desi,chetawani bhajan lyrics
भजन :- मन रो केणो ना कीजे
गायक :- श्याम वैष्णव

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