सुतो राणा सुख भर नींद भजन लिरिक्स

सूतो राणो सुख भर नींद ,मेवाड़ी राणा ओ ,
सूतोड़ा राणा ने सपनो आवियो ।
आयो – आयो आळ जंजाळ मेवाड़ी राणा ओ ,
मीरां ने देखी रे भगवां वेश में ।

उठ्यो राणो आळस मरोड़ मेवाड़ी राणा ओ ,
धम – धम करतां महलां उतरयो ।
उठो साथी करसलिया सिणगार मेवाड़ी राणा,
परभाते जाणो म्हाने मेड़ते ॥

सामा मिळ ग्या गायां रा गवाळ मेवाड़ी राणा ओ,
मारगियो बताय दे मीरां रे देश रो ॥
डावी डांडी पुष्कर जी में जाय मेवाड़ी राणा ओ ,
जिमणोड़ी जासी सीधी मेड़ते ॥

सामी मिळ गी पाणी री पणिहार मेवाड़ी राणा,
घर तो बता दे मीरां रे बाप रो ॥
सूरज सामी दूदा जी री पोळ मेवाड़ी राणा ओ ,
केळ झबूके मीरां रे बारणे ॥

सामी मिळ गी साधां री जमात मेवाड़ी राणा ओ
बिच में मेड़तणी आवे नाचती ॥
चढ़गी चढ़गी राणा जी ने रीस मेवाड़ी राणा ओ ,
काढ खढग राणो कोपियो ॥

मीरां हो गई एकण री हजार मेवाड़ी राणा ओ ,
किण – किण मीरां ने राणो मार सी ।
मोड़ो जाग्यो मूरख गिंवार मेवाड़ी राणा ओ ,
पेला लखतो तो सरगां जावतो ॥

गावे गावे मीरां ज्यांरा वैकुण्ठां में वास ओ ,
सुणियां साम्भळिया भव जळ उतरे ।

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