सुनले सुनले भोले बाबा तेरी कावड़ लाये है भजन लिरिक्स

उमा लहरी भजन सुनले सुनले भोले बाबा तेरी कावड़ लाये है भजन लिरिक्स
Singer : Uma Lahari
तर्ज – गोरी कब से हुई जवान।

सुनले सुनले भोले बाबा,
तेरी कावड़ लाये है,
कावड़ लाये है,
भावों के प्यारे पुष्प चढ़ाये है,
अब तो झूम ज़रा तू झूम,
हम तो बड़ी दूर से आये है,
सुनले सुनले भोले बाबा,
तेरी कावड़ लाये है,
कावड़ लाये है,
भावों के प्यारे पुष्प चढ़ाये है।।

जो भी लेना तुझसे लेना,
किसके दर को जायेगे,
किसके दर को जायेगे,
ये भी तय है तेरे दर से,
खाली हाथ ना जायेगे,
खाली हाथ ना जायेगे,
जोगी जाग ज़रा तू जाग,
तेरे दीदार को आये है,
सुनले सुनले भोलें बाबा,
तेरी कावड़ लाये है,
कावड़ लाये है,
भावों के प्यारे पुष्प चढ़ाये है।।

बाजे डमरू तेरा तो,
कावडीये खुश हो जायेगे,
कावडीये खुश हो जायेगे,
दर्शन करके तेरा बाबा,
मन चाहा फल पायेगे,
मन चाहा फल पायेगे,
तेरा गुणगान सुबह और शाम,
यही अब करने आये है,
सुनले सुनले भोलें बाबा,
तेरी कावड़ लाये है,
कावड़ लाये है,
भावों के प्यारे पुष्प चढ़ाये है।।

दर्शन देने जब भी आओ,
मैया को भी लाना है,
मैया को भी लाना है,
कार्तिकेय और गजानन्द,
नंदी को संग में लाना है,
नंदी को संग में लाना है,
‘लहरी’ आना से परिवार तमन्ना,
दिल में लगाए है,
सुनले सुनले भोलें बाबा,
तेरी कावड़ लाये है,
कावड़ लाये है,
भावों के प्यारे पुष्प चढ़ाये है।।

सुनले सुनले भोले बाबा,
तेरी कावड़ लाये है,
कावड़ लाये है,
भावों के प्यारे पुष्प चढ़ाये है,
अब तो झूम ज़रा तू झूम,
हम तो बड़ी दूर से आये है,
सुनले सुनले भोलें बाबा,
तेरी कावड़ लाये है,
कावड़ लाये है,
भावों के प्यारे पुष्प चढ़ाये है।।

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