सूती होती सात सेज में म्हारी हेली भजन लिरिक्स

॥ दोहा ॥
कबीर सपने रैण के , भयो कलेजे छेक ।
जद सोवू जद दोय जणां , जद जागूं जद एक ॥

सूती होती सत सेज में म्हारी हेली ,
जागे तो जतन करे ।
जद जागूं जद एकली म्हारी हेली ,
रोय – रोय रूदन करे ,
म्हारी हेली , हालो सन्तां रे देश ।
लागो भजनां रे वालो नेस म्हारी हेली ,
हालो सन्तां रे देश ।

पियाजी बिना म्हारो प्राण पड़े म्हारी हेली ,
जल बिन मछिया मरे ।
कोई बताओ म्हारे श्याम ने म्हारी हेली ,
रंग भर रास रमे ।
म्हारी हेली , हालो सन्तां रे देश ।

छोड्यो पीवर छोड्यो सासरो म्हारी हेली ,
छोड़ दियो रंग भर देश ।
पेरण पीताम्बर पेरिया म्हारी हेली ,
सिर पर भगवोडा वेश।
म्हारी हेली , हालो सन्तां रे देश ।

धरा अम्बर बिच चालणो म्हारी हेली ,
नहीं पवना रो प्रवेश ।
पिछमी वाट रे घाट पर म्हारी हेली ,
एडो दिवानो वालो देश ॥
म्हारी हेली , हालो सन्तां रे देश ।

नहीं ऊगे नहीं आथवे म्हारी हेली ,
करोड़ भान परवेश ।
‘ बन्नानाथ ‘ उण देश में म्हारी हेली ,
बार – बार आदेश ।
म्हारी हेली , हालो सन्तां रे देश ।

मोइनुद्दीन मनचला के भजन Video

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भजन :- सूती होती सत सेज में
गायक :- मोइनुद्दीन मनचला

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