सेवा मारी मानो गणपति देवा भजन लिरिक्स

। दोहा ।।
सुर बिना मिे ना सरस्वती गुरु बिन मिले ना ज्ञान।
जल बिन हंसा उड़ चले अन्न बिन तज दे प्राण।

सेवा मारी मानो गणपति देवा।
खोलो मारे हिरदे रा ताला।
पूजा मारी मान लो सामी रे सुंडाला ,
खोलो मारे हिरदे रा ताला।

जल रे चढ़ावू देवा ,नहीं रे अछूता।
ए तो जल मछिए वटालिया जी
सेवा मारी मानो गणपति देवा।
खोलो मारे हिरदे रा ताला।

दूध रे चढ़ावू देवा नहीं रे अछूता।
ए तो दूध बछड़ा वटालिया जी।
सेवा मारी मानो गणपति देवा।
खोलो मारे हिरदे रा ताला।

फूल रे चढ़ावू देवा नहीं रे अछूता।
ए तो फूल भँवरा वटालिया जी।
सेवा मारी मानो गणपति देवा।
खोलो मारे हिरदे रा ताला।

चन्दन रे चढ़ावू देवा नहीं रे अछूता।
ए तो चन्दन सर्प वटालिया जी।
सेवा मारी मानो गणपति देवा।
खोलो मारे हिरदे रा ताला।

बोलिया गोरखनाथ मछेन्द्र रा चेला।
मारी मारी ममता भया अवधूता।
सेवा मारी मानो गणपति देवा।
खोलो मारे हिरदे रा ताला।

gajanand ji ke bhajan lyrics | ंभू लाल मारवाड़ी भजन video

सेवा मारी मानो गणपति देवा भजन seva mari mano ganpati puja mari mano गणपति जी के भजन लिरिक्स
गणपति जी के भजन लिरिक्स in hindi
भजन :- सेवा मारी मानो देवा
गायक :- शंभू लाल मारवाड़ी

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