हथेली में दिवलो तेरस वाली रात माजीसा भजन लिरिक्स

हथेली में दिवलो तेरस वाली रात,
जगमग दिवला सारी रात,
माजीसा रे ज्योत जगे,
भटीयाणी माँ रे ज्योति जगे,
हथेली मे दिवलो तेरस वाली रात।।

अरे गावो भाया मंगला चार रे,
राती जोगा मे आवो रे,
माजीसा री दिवला जगे,
भटीयाणी माँ रे दिवला जगे,
हथेली मे दिवलो तेरस वाली रात।।

अरे लाल चुनडीया ओडो मारी माँ,
माते रकडी पेरो मारी माँ,
घूमर रमवा आवो मारी माँ,
माजीसा रे ज्योति जगे,
हथेली मे दिवलो तेरस वाली रात।।

भगत बुलावे आवो मारी माँ,
अरे भगता री थे राखो लाज,
माजीसा रे ज्योति जगे,
भटीयाणी माँ रे ज्योति जगे,
हथेली मे दिवलो तेरस वाली रात।।

दिवला थारे चांदनी रात,
मारे माजीसा रे मन भया आज,
माजीसा रे ज्योति जगे,
भटीयाणी माँ रे ज्योति जगे,
हथेली मे दिवलो तेरस वाली रात।।

हथेली में दिवलो तेरस वाली रात,
जगमग दिवला सारी रात,
माजीसा रे ज्योत जगे,
भटीयाणी माँ रे ज्योति जगे,
हथेली मे दिवलो तेरस वाली रात।।

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