हम पागल प्रेमी वृन्दावन धाम के भजन लिरिक्स

हम पागल प्रेमी,
वृन्दावन धाम के,
ऐसा वैसा समझो ना,
हम पागल बड़े ही काम के,
हम पागल प्रेमीं,
वृन्दावन धाम के।।

कोई हमको पागल बोले,
कोई बोले दीवाना,
वो भी अपना जैसा हो गया,
जिसने देखा बरसाना,
आशिक़ समझो या आवारा,
हम तो है घनश्याम के,
हम पागल प्रेमीं,
वृन्दावन धाम के।।

हमें गर्व है पागल है हम,
श्याम धणी के प्यार में,
हम जैसा किस्मत वाला,
ना होगा इस संसार में,
लाडले हैं हम राधा जू के,
फेन श्याम के नाम के,
हम पागल प्रेमीं,
वृन्दावन धाम के।।

जो भी दिल में आ जाये,
हम फ़ौरन ज़ाहिर करते है,
जिस पर मोहित हो जाए,
हम जान भी हाज़िर करते है,
प्रेम की भाषा हम पहचाने,
प्रेमी बाबा श्याम के,
हम पागल प्रेमीं,
वृन्दावन धाम के।।

हम पागल प्रेमी,
वृन्दावन धाम के,
ऐसा वैसा समझो ना,
हम पागल बड़े ही काम के,
हम पागल प्रेमीं,
वृन्दावन धाम के।।

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