हरे शिव शंकर कष्ट सारे चला आ शिव की तू शरण में भजन लिरिक्स

हरे शिव शंकर कष्ट सारे,
चला आ शिव की,
चला आ शिव की तू शरण में,
काम सब बिगड़े वो सँवारे,
हरे शिव शंकर कष्ट सारें,
हरे शिव शंकर कष्ट सारे।।

हरे शिव शंकर कष्ट सारें,
हरे शिव शंकर कष्ट सारें,
है ये जीवन की,
है ये जीवन की नैया तेरी,
लगाएंगे शिव ही किनारे,
हरे शिव शंकर कष्ट सारें,
हरे शिव शंकर कष्ट सारे।।

वही भव से तुझे पार उतारे,
वही भव से तुझे पार उतारे,
नहीं है शिव बिन,
नहीं है शिव बिन कोई सहारा,
उन्ही का तू ही ध्यान लगा रे,
हरे शिव शंकर कष्ट सारें,
हरे शिव शंकर कष्ट सारे।।

है घट घट में उनके उजारे,
है भेद अगम वो,
है भेद अगम वो अंतर्यामी,
नाम जप उनका क्या विचारे,
हरे शिव शंकर कष्ट सारें,
हरे शिव शंकर कष्ट सारे।।

है शिव शंकर तेरे परम सहारे,
है शिव शंकर तेरे परम सहारे,
है सब भक्तो से,
है सब भक्तो से शिव का नाता,
वो हर लेते दुःख जो पुकारे,
हरे शिव शंकर कष्ट सारें,
हरे शिव शंकर कष्ट सारे।।

मिले सब तुझको प्रभु के द्वारे,
मिले सब तुझको प्रभु के द्वारे,
बसा ले अपने,
बसा ले अपने हृदय शिव को,
कहे ‘धीरान’ तू सुनले प्यारे,
हरे शिव शंकर कष्ट सारें,
हरे शिव शंकर कष्ट सारे।।

हरे शिव शंकर कष्ट सारे,
चला आ शिव की,
चला आ शिव की तू शरण में,
काम सब बिगड़े वो सँवारे,
हरे शिव शंकर कष्ट सारें,
हरे शिव शंकर कष्ट सारे।।

शिवजी भजन हरे शिव शंकर कष्ट सारे चला आ शिव की तू शरण में…
तर्ज – भटकता डोले काहे प्राणी।

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