होई जावो संत सुधारो थांरी काया भजन लिरिक्स

।। दोहा ।।
करो तो आची करो , और बुरी विचारो नाई।
कसर पड़े ज्यू मत करो , इण ओछी उमर रे माई ।

होई जावो संत ,
सुधारो थांरी काया जी ।
अपने धणियों रा मारग ,
झीणा है ओ रावळ माल ।
समझ्योड़ा वो तो ,
झीणोड़े मारग हालो ।
रथ घोड़ांने धीमा हाको ,
नी ओ रावळ माल ॥

उंडा उंडा नीर ,
अथंग जल भरिया जी ।
तेरूड़ा रो थाग नहीं ,
आयो है ओ रावळ माल ॥
होई जावो संत ,
सुधारो थांरी काया जी ।

कड़वा रे नीम ,
निबोल्यां ज्यांरी मीठी जी ।
कुण नर मिसरी मिलाई ,
है ओ रावळ माल ॥
होई जावो संत ,
सुधारो थांरी काया जी ।

बैठ हथायां माला ,
झूठ मत बोलो जी ।
पथ पंचो रे माँहि ,
जावे है ओ रावळ माल ॥
होई जावो संत ,
सुधारो थांरी काया जी ।

घर री तो खोंड ,
करकरी ओ लागे जी ।
गुड़ तो चोरी रो मीठो ,
लागे है ओ रावळ माल ॥
होई जावो संत ,
सुधारो थांरी काया जी ।

पराई नार ,
आँगणिया में ऊभी जी ।
ज्यांने बेनड़ कह ,
बतलावो ओ रावळ माल ॥
होई जावो संत ,
सुधारो थांरी काया जी ।

उजड़ खेतों में ,
माला बीज मत वावो जी ।
हासल हाथ नहीं ,
आवे है ओ रावळ माल ॥
होई जावो संत ,
सुधारो थांरी काया जी ।

दोय कर जोड़ ,
राणी रूपांदे जी बोले जी ।
अपने धणियों ने ,
समझाया है ओ रावळ माल
होई जावो संत ,
सुधारो थांरी काया जी ।

sunita swami ke bhajan Video

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भजन :- होई जावो संत सुधारो थांरी काया
गायक :- सुनीता स्वामी वैष्णव

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