होरी खेलूंगा डटके राधाकृष्ण होली भजन लिरिक्स

रंग बिरंगे रंग लाया हूँ,
राधे रानी मैं हटके,
होरी खेलूंगा डटके,
ना होरी खेलूं सांवरिया,
क्यों तूं अपना सिर पटके,
बात करो पीछे हटके,
होली खेलूंगा डटके।।

सब रे रंग है मेरे बढ़िया,
पीलो डलवाया केसरिया,
जिस पर भी तेरा दिल अटके,
होली खेलूंगा डटके,
अरे बात करो पीछे हटके।।

कच्चे पक्के रंग है तेरे,
कपड़े हे जाएं भदरंग मेरे,
बिगड़े मोती घूंघट के,
बात करो पीछे हटके,
होली खेलूंगा डटके।।

आज नहीं छोडूंगा राधे,
करके आयो पक्के इरादे,
लायो रंग की कई मटके,
होली खेलूंगा डटके,
अरे बात करो पीछे हटके।।

बात हकीकत कहे ‘अनाड़ी’,
टूटी है तेरी पिचकारी,
आगे पीछे क्यों झटके,
बात करो पीछे हटके,
होली खेलूंगा डटके।।

रंग बिरंगे रंग लाया हूँ,
राधे रानी मैं हटके,
होरी खेलूंगा डटके,
ना होरी खेलूं सांवरिया,
क्यों तूं अपना सिर पटके,
बात करो पीछे हटके,
होली खेलूंगा डटके।।

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