baba ramdev ji bhajan Hindi Lyrics | सुगणा ऊभी डागळिये

सुगणा रे ऊभी डागळिये , नेणां में ढळके नीर ।
लेवण आवो वीरा रामदेव , थे हो जग में पीर ॥

आवण – जावण कह गया रे , आई रे सावणियाँ री तीज ॥
दर्शण प्यासी सुगणा बाई , होवे है आधीन ॥
सुगणा रे ऊभी डागळिये , नेणां में ढळके नीर ॥

बारहे वरषां सु पीवर सारूं , लाग रही अडीक ।
अजमल जी रा कँवर लाडला , नैणा रे बरसे नीर ।।
सुगणा रे ऊभी डागळिये , नेणां में ढळके नीर ।

राखड़ी पूनम री बीरा , जग में अमर रीत ।
रीत निभानी पड़सी थाने , आय बंधावो धीर ।।
सुगणा रे ऊभी डागळिये , नेणां में ढळके नीर ।।

रामदेव जी रो ब्याव रच्यो , मेणा दे रे मन में प्रीत ।
लाछा बाई आई रे म्हारी , सुगणा क्यों नहीं आई ।
सुगणा रे ऊभी डागळिये , नेणां में ढळके नीर ॥

आया रूणीचे सुगणा बाई , लाया है महावीर ।
अन्यायी रो नाश होयो जद , वे न्यायी री जीत
सुगणा रे ऊभी डागळिये , नेणां में ढळके नीर ।

rakesh prajapati bhajan video
भजन :- सुगना उभी डागलिये
गायक :- राकेश प्रजापत

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