chosath jogani bhajan lyrics in hindi | चौसठ जोगणी रे देवरिया रमजान

देवलिये रमजाये भवानी ,मंदरिये रमजाये।
चौसठ चोगणी रे भवानी, देवलिये रमजाये।

हंस सवारी कर मारी माता ,ब्रह्मा रूप बणायो।
ब्रह्मा रो रूप बणायो मारी मैया। ब्रह्मा रूप बणायो।
चार वेद मुख चार बिराजे। चारो रो जस गायो।
चौसठ चोगणी रे,भवानी देवलिये रमजाये।
घूमर गालणी रे ,माता आँगणिये रमजाये।

गरुड़ सवारी कर मारी माता ,विष्णु रूप बणायो।
विष्णु रो रूप बणायो नव दुर्गा। विष्णु रूप बणायो।
गदा पदम् संग चक्र बिराजे।मधुवन बंसी बजाय।
चौसठ चोगणी रे,भवानी देवलिये रमजाये।
घूमर गालणी रे ,माता आँगणिये रमजाये।

नंदी सवारी कर मारी मैया ,शिव जी रूप बणायो।
शिव जी रो रूप बणायो नव दुर्गा। शिव जी रूप बणायो
जटा मुकट में गंगा खड़के। शेष नाग लिपटायो।
चौसठ चोगणी रे,भवानी देवलिये रमजाये।
घूमर गालणी रे ,माता आँगणिये रमजाये।

मोर सवारी कर मारी माता। कार्तिक रूप बणायो।
कार्तिक रूप बणायो मारी माता। कार्तिक रूप बणायो।
शक्ति धारण हाथ में लेने। अण हर संक बजायो।
चौसठ चोगणी रे,भवानी देवलिये रमजाये।
घूमर गालणी रे ,माता आँगणिये रमजाये।

सिंह सवारी कर मारी माता। शक्ति रो रूप बनायो ।
शक्ति रो रूप बनायो नव दुर्गा। शक्ति रो रूप बनायो।
सिया राम तेरी करे स्तुति। तुलसी दास जस गायो।
चौसठ चोगणी रे,भवानी देवलिये रमजाये।
घूमर गालणी रे ,माता आँगणिये रमजाये।

prakash mali ke bhajan
भजन :- चौसठ जोगणी रे
गायक :- प्रकाश माली

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