dharti mata ro peru ghagro Hindi Bhajan Lyrics | में तो अमर चुनड़ी ओडु

धरती माता नो ,वाो पेरू घागरो
में तो अमर , चुनड़ी ओडु।
में तो संतो रे भेळी रेवू।
में तो बाबो रे भेळी रेवू।
आठ पुरुष री चेली जी

चाँद सूरज मारे ,आंगने लगाऊ।
में तो चरना रो ,जाँजर पेरू।२।
में तो संतो। ……

ज्ञानी ध्यानी रे ,बगल में राखु।
हनुमान वालो ,कोंकण पेरू।
में तो संतो। ……

नव लख तारा ,मारे आंगने लगाऊ।
में तो चरना रो ,जाँजर पेरू।२।
में तो संतो। ……

पारस ने सरहद कर राखु।
में तो डूंगर डोडी में खेलु।
में तो संतो। ……

नव काली नाग ,मारे चोटड़े बंधाऊ।
जद मारो ,माथो सुखाऊ।
में तो संतो। ……

दोई कर जोड़ ,मीरा बाई बोले।
में तो गुण , गोविन्द रा गाऊ।
में तो संतो। …..

धरती माता नो ,वालो पेरू घागरो।
में तो अमर , चुनड़ी ओडु।
में तो संतो रे भेळी रेवू।
में तो बाबो रे भेळी रेवू।
आठ पुरुष री चेली जी।

meera bai ke bhajan prakash mali bhajan Lyrics
भजन :- धरती माता वालो पेरू घाघरो
गायक :- प्रकाश माली

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