Duniya Ulti Rit Chalave New Rajasthani bhajan Hindi Text Lyrics, Heera Lal Rav Bhajan Lyrics

दुनिया उल्टी रीत चलावे।ज्याने ज़रा सरम नहीं आवे। २

अरे माता जी सु , बेटो मांगे। ये तो एक बकरा के सागे। २
अपना बेटा ने लाड लड़ावे। तुजा को मातो काटे। २
दुनिया उल्टी रीत चलावे। ज्याने ज़रा सरम नहीं आवे। २

अरे पत्थर को नाग बनावे। ज्याके दूध पतासा चढ़ावे। २
असली साप जद घर में आवे। वाके होटो पटक मरवावे। २
दुनिया उल्टी रीत चलावे। ज्याने ज़रा सरम नहीं आवे।

गारा की गणगौर बनावे। वीके सोळा सिंगार करावे। २
गणगौर कई मुख से बोले। वीने तालाब माई बदरावे। २
दुनिया उल्टी रीत चलावे। ज्याने ज़रा सरम नहीं आवे।

माँ बापा से मुख नहीं बोले। पचे दौड़ गंगा जी में जावे। २
वटे फर फर मातो मुंडावे। घरे १०० मण शक्कर गलावे। २
दुनिया उल्टी रीत चलावे। ज्याने ज़रा सरम नहीं आवे

घर की खांड गरकरी लागे। ग़ुल गाड़िया को मिठो लागे।
कालूराम जी भजन बनावे। पछे पोल में ढोल बाजे। २
दुनिया उल्टी रीत चलावे।ज्याने ज़रा सरम नहीं आवे

heera lal rao ke bhajan
भजन :- दुनिया उलटी रीत चलावे
गायक :- हीरा लाल राव

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