Hindi Lyrics गुरा सा मारो अब परो जनम सुधारो

में कोनी भूूला गुण थारो वो ,
गुरा सा मारो अब ,परो जनम सुधारो

लख चौरासी में गणो दुःख पायो ,में धर धर पु अवतारों।
धुप छाव मतो सही गणेरी ,मारो दुःख परो जितवारो।
गुरा सा मारो। …..

गुरु बिना सहाय करे कुण जीव री ,फिरत फिरो हजारो।
बैकुण्ठा सु पाछा भेजिया ,नारद सुखदेव प्यारो।
गुरा सा मारो। …..

गुरु बिना ज्ञानी ध्यान सब झूठो ,झूठो जी जग संसारो।
पति बिना नारी किसोपती पावे ,विधवा को केडो सिंगारो।
गुरा सा मारो। …..

राम मिलन री राह बताओ ,में तो जी भरम अतारो।
आप गुरासा मारो पर उपकारी ,मारो अवगुण परो छिनवावो।
गुरा सा मारो। …..

बार बार मारी आई विनती ,थे अजी सुनो पुकारो।
दास केवण पर कृपा कीज्यो ,मारे सिर पर पिंजरों डालो।
गुरा सा मारो। …..

में कोनी भूलूला गुण थारो वो ,
गुरा सा मारो अब ,परो जनम सुधारो।

गुरा सा मारो अब परो जनम सुधारो Bhajan Lyrics
भजन :- अब परो जन्म सुधारो
गायक :- महेंद्र सिंह राठौर

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